वृंदावन का प्रसाद · आपके नाम से पूजा · पूजा के फ़ोटो व वीडियो · राधे राधे
हिन्दी

प्रसाद कैसे ग्रहण करें और बाँटें

प्रसाद आने के बाद क्या करें, इस पर सीधी बातें जो ज़्यादातर परिवारों में पहले से चलती हैं।

अपडेट: 25 Oct 2026

प्रसाद कैसे ग्रहण करें और बाँटें

प्रसाद आए तो सबसे सरल रीत यह है कि पहले ठाकुर जी के सामने रखें, प्रणाम करें और फिर खाएँ। इसे सिर्फ़ खाना नहीं, "ग्रहण करना" कहा जाता है।

नियम हर परिवार में अलग होते हैं। कोई स्नान के बाद खाता है, कोई सिर्फ़ हाथ धोकर। आपके घर में जो चलता आया है वही सही है। कोई बाहर वाला आपके लिए नियम तय नहीं कर सकता, हम भी नहीं।

बाँटकर खाएँ

बहुत से लोग कहते हैं कि प्रसाद अकेले खाने की चीज़ नहीं है। पैक आए तो परिवार, पड़ोसियों और घर के बड़ों को थोड़ा-थोड़ा दें। जो लोग आम तौर पर मंदिर नहीं जा पाते, जैसे बीमार या बुज़ुर्ग, उनके लिए इसका बहुत महत्व होता है।

दो छोटी बातें

  • बच्चा, गर्भवती महिला, मधुमेह का रोगी या एलर्जी वाला खाए तो पहले लेबल पर सामग्री देख लें।
  • प्रसाद ज़मीन पर न गिरने दें। गिर जाए तो साफ़ करके अलग रख दें।

प्रसाद क्या है? हिंदू पूजा में प्रसाद का अर्थ और महत्व

प्रसाद वह भोजन या अर्पण है जो पहले देवता को चढ़ाया जाता है और फिर भक्तों में बाँटा जाता है। जानिए इसका अर्थ और ग्रहण करने की परंपरा।

और पढ़ें