राधाष्टमी: श्रीराधा का जन्मदिन और बरसाना
जन्माष्टमी के लगभग पंद्रह दिन बाद राधारानी का जन्मदिन, और बरसाना से उसका नाता।
अपडेट: 25 Oct 2026
जन्माष्टमी के लगभग पंद्रह दिन बाद, भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को राधाष्टमी मनाई जाती है। भक्त इसे श्रीराधा के प्राकट्य का दिन मानते हैं।
ब्रज के लोग राधारानी को बरसाना की बेटी कहते हैं। बरसाना वृंदावन से थोड़ी दूरी पर है, और पहाड़ी पर बना श्रीजी का मंदिर वहाँ की सबसे जानी-पहचानी जगह है। राधाष्टमी पर बहुत लोग वहाँ पहुँचते हैं, भजन-कीर्तन होता है और मंदिर सजाया जाता है।
वृंदावन में भी इस दिन राधा नाम की गूँज ज़्यादा सुनाई देती है। ब्रज में "राधे राधे" कहकर मिलना आम बात है, इस उत्सव पर यह और साफ़ दिखता है।
घर पर कैसे मनाएँ
बड़े इंतज़ाम की ज़रूरत नहीं। सुबह स्नान करके राधा-कृष्ण के चित्र के सामने दीपक जलाएँ, फूल और मिठाई चढ़ाएँ, राधा नाम जपें या कीर्तन सुनें। घर के बड़ों से पूछ लें कि आपके यहाँ क्या परंपरा चली आ रही है, क्योंकि हर परिवार की रीत थोड़ी अलग होती है।