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केशी घाट और यमुना आरती: वृंदावन की एक शाम

यमुना किनारे केशी घाट का परिचय, शाम की आरती और नाव की सैर में ध्यान रखने की बातें।

अपडेट: 25 Oct 2026

केशी घाट और यमुना आरती: वृंदावन की एक शाम

केशी घाट वृंदावन में यमुना किनारे के सबसे जाने-माने घाटों में से एक है। परंपरा कहती है कि यहाँ कृष्ण ने केशी नामक दैत्य का वध किया था, इसी से इसका नाम पड़ा।

शाम को यहाँ यमुना की आरती होती है। दीपक, घंटियों और शंख की ध्वनि से नदी किनारे शांत वातावरण बन जाता है। बहुत लोग नाव में बैठकर पानी से घाट और मंदिरों की कतार देखते हैं।

ध्यान रखें

  • नाव में बैठने से पहले किराया तय कर लें और चाहें तो लाइफ़ जैकेट माँग लें।
  • बरसात में पानी बढ़ने पर घाट की सीढ़ियाँ फिसलन भरी होती हैं।
  • यमुना में फूल या दीप प्रवाहित करें तो प्लास्टिक से बचें और नदी को साफ़ रखें।
  • आरती का समय मौसम के अनुसार बदलता है, इसलिए थोड़ा पहले पहुँचें।

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