गुरु पूर्णिमा: ब्रज में गुरु का स्मरण
आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु को प्रणाम, व्यास जी का स्मरण और ब्रज व गोवर्धन में इस दिन का माहौल।
अपडेट: 25 Oct 2026
आषाढ़ मास की पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा है। इसे वेदव्यास जी के स्मरण में भी मनाया जाता है, जिन्होंने परंपरा के अनुसार वेदों का विभाजन किया। शिष्य इस दिन गुरु को प्रणाम करते हैं और फूल, फल व उपहार भेंट करते हैं।
ब्रज में बहुत से भक्त आश्रमों में अपने गुरु के पास जाते हैं। कहा जाता है कि गोवर्धन में इस समय बहुत बड़ी भीड़ जुटती है; स्थानीय रूप से इसे मुड़िया पूनो कहते हैं और कई लोग परिक्रमा करते हैं।
जिसका कोई दीक्षा गुरु न हो, वह भी माता-पिता या शिक्षक को प्रणाम करके यह दिन मना सकता है। गुरु वह है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए।