ब्रज 84 कोस परिक्रमा: संक्षिप्त परिचय
ब्रजमंडल के चारों ओर लगभग 250 किलोमीटर की तीर्थयात्रा, कौन से स्थान आते हैं और जाने से पहले क्या सोचें।
अपडेट: 25 Oct 2026
ब्रजमंडल का अर्थ है मथुरा-वृंदावन के आसपास कृष्ण की लीलाओं का पूरा क्षेत्र। परंपरा में इसका विस्तार 84 कोस माना जाता है। एक कोस को लगभग दो से ढाई किलोमीटर मानें तो पूरा मार्ग करीब 200 से 250 किलोमीटर बैठता है, हालाँकि इस माप पर मतभेद हैं।
परिक्रमा में मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बरसाना, नंदगाँव और अनेक गाँव, कुंड व वन आते हैं। परंपरागत रूप से यह पैदल कई सप्ताह में पूरी होती थी। आजकल बहुत लोग समूह के साथ वाहन से कुछ दिनों में करते हैं।
पहले सोच लें
- अपनी सेहत के हिसाब से हिस्सा चुनें; पूरा न हो सके तो एक भाग करें।
- पैदल चलने के जूते, पानी और ज़रूरी दवाएँ साथ रखें।
- अक्टूबर से मार्च तक मौसम सबसे सुविधाजनक रहता है।
- ठहरने की व्यवस्था पहले जान लें, क्योंकि हर गाँव में होटल नहीं मिलता।